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कालाकांडी

कालाकांडी फिल्म रिव्यू

CRITIC'S RATING    2.0/5
AVG READERS' RATING:    2.5/5
Movie Name
कालाकांडी
DIRECTION
अक्षत वर्मा
GENRE
Comedy, Thriller, Satire
DURATION
01 hours 52 minutes

कालाकांडी Review


कालाकांडी के मॉर्निंगवाले फर्स्ट शो में कई सारे कपल्स थे, शायद कॉलेज गोईंग कपल्स, उन्होने फिल्म को खूब ‘एंजॉय' किया! मगर क्या आप और बाकी दर्शक फिल्म को एंजॉय कर पाएंगे?


सैफ अली खान की कालाकांडी के प्रोमोज् को देख कर ये लग रहा था कि, ये फिल्म देल्ली बेल्ली की ब्लैक कॉमेडी का डबल डोज् होगी। कालाकांडी के साथ सैफ का बैडपैच भी खत्म होने की उम्मीद थी, मगर, ये मगर शब्द सबसे खतरनाक होता है और कालाकांडी के साथ तो जरा ज्यादा ही!


तीन पैरलल चलती कहानियां, एक सैफ अली खान की जिसे डॉक्टर ने अभी अभी बताया कि, उसे पेट का कैन्सर है और वो बस मरने ही वाला है, सैफ के घर में उसके कजिन की शादी है। दूसरी कहानी एक कपल की जिसमें कुणाल रॉय कपूर अपनी गर्लफ्रेंड से एंगेजमेंट करना चाह रहा है और उसे अमेरिका पढने के लिए जाना है, तीसरी कहानी जिस कहानी में असल में थोडी जान है, या यूं कहें कि, एक्टर्स ने उस स्टोरी में जान डाल दी है, तो वो है दो ज्यूनिअर गैंगस्टर्स की जो अपने डॉन का पैसा हडपना चाहते हैं, इन दो गैंगस्टरों के नाम सुनेंगे तो लगेगा कि, चलो फिल्म में कुछ तो देखने लायक है, एक है विजयराज और दुसरे हैं दीपक डोबरियाल। मगर जरा ठहरिये फिल्म में इनको देखने के अलावा कुछ स्मूच और बेडसीन है बस! सैफ ने फिल्म को बचाने के लिए अपना पूरा दमखम लगा दिया है, मगर न स्टोरी में दम है और न डिरेक्शन में। तो भला सैफ भी क्या करते, चलो माना कि, सैफ अब सेफगेम नहीं बल्कि, एक्सपिरिमेंटल फिल्म करना चाह रहे हैं तो वैसा तो उन्होने दिग्मांशू धुलिया की बुलेट राजा और श्रीराम राघवन की एजंट विनोद के वक्त भी किया था, मगर हुआ क्या? बुलेट राजा की बुलेट में फुस्स निकली तो सैफ की एजंट विनोद से ज्यादा थ्रिल तो पुरानीवाली एजंट विनोद में था!


खैर बात कालाकांडी की, पता नहीं सैफ अपने करिअर के साथ क्या कर रहे हैं, एक वक्त था जब ये कहा जाता था कि, बॉलिवुड पर तीन खानों का राज है, आमिर, सलमान और सैफ, लेकिन, पहले दो खान तो बॉक्स ऑफिस पर ‘दंगल' मचा रहे हैं और अपने आपको बॉक्स ऑफिस के ‘सुलतान' साबित करने का एक चांस भी नहीं छोड रहे, तो वहीं सैफ का कुछ ठीक नहीं चल रहा।


कालाकांडी न तो ‘सिटकॉम' है, न ब्लैक कॉमेडी और न ही थ्रिलर, अक्षत वर्मा क्या बनाना चाहते थे, ये शायद वही जानें, इतनी बेहतरीन कास्ट को उन्होने पूरी तरह से वेस्ट किया है। अगर परफॉर्मेंस की बात करें तो सैफ अली खान के अलावा दीपक डोबरियाल और विजय राज को छोड़ दें तो बाकी कुछ भी नहीं है।


जैसा की शुरुआत में मैंने लिखा कि, फिल्म के फर्स्ट शो में सिर्फ कुछएक कपल्स थे, शायद सात या आठ कपल्स यानि कि, कुल मिला कर 18 से 20 लोग, कपल्स ने कालाकांडी में क्या ‘कालाकांडी' की होगी क्या एंजॉय किया ये शायद बताने की अब जरूरत नहीं।


Analysis

    Direction
    1.5/5
  • Dialogues
    2/5
  • Story
    2/5
  • Music
    1/5
  • Screen Play
    1/5

The Verdict

सैफ अपने करिअर के साथ कालाकांडी कर रहे हैं जिसे देख कर दुख होता है, अब उम्मीदें सैफ की आनेवाली फिल्म बाजार से हैं, कालाकांडी को तो शायद सैफ भी भुलना चाहेंगे।


 

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