करीब करीब सिंगल फिल्म

करीब करीब सिंगल फिल्म रिव्यु 2017

CRITIC'S RATING    3.0/5
AVG READERS' RATING:    3.5/5
Movie Name
करीब करीब सिंगल
DIRECTION
Tanuja Chandra
GENRE
COMEDY, ROMANCE
DURATION
02 hours 05 minutes

करीब करीब सिंगल Review

'करीब करीब सिंगल' माने? Single, Committed, Enguaged, Married तो सुना था, ये 'करीब करीब सिंगल' क्या बला है?

इरफान खान, मल्यालम स्टार पार्वती और डिरेक्टर तनुजा चंद्रा, किसी फिल्म का ये कॉम्बिनेशन हो तो आप एक बेहतर फिल्म की उम्मीद जरूर कर सकते हैं, ये उम्मीदें कुछ हद तक पूरी होती भी हैं, लेकिन, कई मौकों पर फिल्म की कहानी गच्चा खा जाती है। फिल्म की कहानी लिखी है तनुजा चंद्रा की मां ने, कहानी कुछ यूं है कि, एक मिडल एज्ड कपल शादी के लिए एक डेटिंग साईट के जरिए मिलता है और वो दोनों डेट ट्रैवल पर निकलते हैं, जिस तरह करीब करीब सिंगल क्या बला है ये नहीं जानते उसी तरह डेट ट्रैवल क्या है ये भी समझ नहीं आता। खैर हम इसका मतलब जो हमारे पल्ले पडा वो कुछ यूं है, पहले रिलेशनशीप स्टेट्स Single, Committed, Enguaged, Married हुआ करते थे, फेसबुक के बाद नई जनरेशन का नया स्टेट्स आया Complicated और अब शायद इस फिल्म के बाद ये नया स्टेटस् होगा 'करीब करीब सिंगल' माने न इधर के हैं न उधर के! जरूरत के हिसाब से इधर या उधर हो सकते हैं। तो डेट ट्रैवल पर निकले इरफान और मल्यालम फिल्मों की स्टार पार्वती इस ट्रैवल के दौरान इरफान की तीन एक्स से मिलते हैं, जिससे पार्वती को होनेवाली जलन और इरफान से करीबी की केमिस्ट्री कहीं मेल खाती नजर नहीं आती। एक्स से दोबारा मिलने की कहानी रणबीर कपूर, बिपाशा बसू और दीपिका पदूकोन की बचना ऐ हसीनो से इंस्पायर्ड लगती है, लेकिन, करीब करीब सिंगल थोडी अलग है। इरफान खान की एक्टिंग को देख कर लगता है कि, अपनी फिल्म पीकू की एक्टिंग को उन्होने इस फिल्म में आगे बढाया है, हेअर सेटिंग, कॉस्ट्यूम से लेकर तो डायलॉग तक पीकू की याद दिलाते हैं। पार्वती की बात करें तो इरफान के साथ उनकी जोडी कुछ मिसमैच लगती है, वो शायद इसलिए क्योंकि, पार्वती थोडी मोटी लगती है और हमें इरफान के अपोजिट चित्रांगदा सिंह से लेकर तो दीपिका पदूकोन को देखने की आदत है। फिल्म की डिरेक्शन थोडी ढिली है, क्योंकि, कहानी में ही दम नहीं है। बहरहाल इतने लंबे ब्रेक के बाद तनुजा चंद्रा की डिरेक्शन से अगर ज्यादा उम्मीदें न रखें तो ठीक रहेगा। फिल्म के गाने भी ठीकठाक ही हैं।

Analysis

    Direction
    3/5
  • Dialogues
    3/5
  • Story
    2.5/5
  • Music
    2.5/5
  • Screen Play
    2.5/5

The Verdict

इरफान खान के फैन हों और बनारस के घाट से लेकर तो सिक्कीम के गंगटोट की वादियों का खुबसुरत नजारा देखना चाहते हैं तो ये फिल्म आपके लिए ही बनी है।


 

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