गेट कीपर को घुस देकर जगजीत सिंह फिल्में देखा करते थे

जगजीत को फिल्मों और संगीत से इतना प्रेम था की बिना पिता को बताये फिल्में देखने जाते थे और यहाँ तक की टॉकीज में गेट कीपर को घूस देकर हॉल में घुसना उनकी बुरी आदत थी.

गेट कीपर को घुस देकर जगजीत सिंह फिल्में देखा करते थे गेट कीपर को घुस देकर जगजीत सिंह फिल्में देखा करते थे Source : Press

ग़ज़ल किंग के नाम से मशहूर सिंगर जगजीत सिंह का नाम शायद ही भारत का कोई ऐसा इंसान होगा जिसे पता नहीं होगा. जगजीत सिंह का जन्म बीकानेर में हुआ था. पहले उनका नाम जगजीवन सिंह था बाद में उन्होंने इसे जगजीत सिंह कर लिया.

 उन्हें संगीत से बेहद प्रेम था, संगीत की दुनिया में उन्होंने ग़ज़ल से अपनी एक अल्स्ग ही पहचान बनायीं. उनकी ज़िन्दगी कई उतार चढ़ाव से भरी थी. जगजीत सिंह के पिता चाहते थे की वह इंजीनियर बने पर लेकिन उनकी हमेशा संगीत में रूचि रही. 

जगजीत को फिल्मों और संगीत से इतना प्रेम था की बिना पिता को बताये फिल्में देखने जाते थे और यहाँ तक की टॉकीज में गेट कीपर को घूस देकर हॉल में घुसना उनकी बुरी आदत थी. संगीत में उन्हें इतनी रूचि थी की एक बार अपनी चचेरी बहन की शादी में जमी महिला मंडली की बैठक में जाकर गीत गाने लगे थे. जब उनसे पूछा जाता की अगर आप गायक नहीं होते तो क्या होते तो वह कहते धोबी. 

साल 1965 में जगजीत सिंह अपने परिवार को बिना बताए मुंबई चले गए और फिल्मी दुनिया में अपना नया संघर्ष शुरू कर दिया. मुंबई में आने के बाद जगजीत की मुलाक़ात चित्रा दत्ता से हुई दोनों में दोस्ती हुयी और फिर प्यार फिर आखिरकार 1969 में दोनों ने शादी कर ली.

 उन्हें एक बेटा विवेक भी हुआ. जगजीत सिंह के बेटे विवेक की महज 18 साल की उम्र में एक सड़क दुर्घटना में निधन हो गया था. इसकी वजह से जगजीत और उनकी पत्नी बिलकुल टूट चुके थे. जगजीत सिंह को भारत सरकार ने साल 2003 में 'पद्म भूषण' सम्मान से नवाजा गया था.