ओ पी नैयर ने जब वहीदा रेहमान और गीता दत्त को लगायी थी फटका

आशा भोसले को आशा भोसले बनाने का श्रेय भी जाता ओ पी नैयर को. उन्होंने आशा की आवाज़ को समझा और रेंज का पूरा फ़ायदा उठाया.

ओ पी नैयर ने जब वहीदा रेहमान और गीता दत्त को लगायी थी फटका ओ पी नैयर ने जब वहीदा रेहमान और गीता दत्त को लगायी थी फटका Source : Press

बॉलीवुड की करीब 73 फ़िल्मों में संगीत देने वाले ओमकार प्रसाद मदनगोपाल नैयर यानी की ओ पी नैयर को हिंदी सिनेमा का मोहम्मद अली भी कहा जाता था. ओ पी नैयर को कभी 'रिदम किंग' कहा जाता था तो कहीं 'ताल का बादशाह.' उनकी हर धुन एक ख़ास पंच देने की अदा पर लोग मरते थे.

ओ पी नैयर का जन्म 1926 में पकिस्तान के लाहौर में हुआ था. उन्होंने ने 1952 में अपने करियर की शुरुआत फिल्म आसमान से की थी. लेकिन उन्हें पहचान मिली थी गुरुदत्त की फ़िल्मों आरपार, मिस्टर एंड मिसेज़ 55, सीआई डी और तुम सा नहीं देखा से.


ओ पी नैयर की बेहद ही करीबी दोस्त सिराज ख़ाँ बताते हैं, ''गीता दत्त ने ओपी की ये कहते हुए अपने मंगेतर गुरु दत्त से सिफ़ारिश की थी कि ये संगीतकार एक दिन बहुत ऊपर जाएगा. इस के बाद की घटनाएं इतिहास हैं. गुरु दत्त अक्सर अपनी निजी बातें भी मुझसे साझा किया करते थे.''

''उनकी पत्नी गीता दत्त और उनकी प्रेमिका वहीदा रहमान दोनों ने उन्हें आख़िरी में छोड़ दिया था और वो अपने आख़िरी दिनों में काफ़ी परेशान थे. उनकी मौत पर अपने स्वभाव के अनुसार ओ पी नैयर ने गीता दत्त और वहीदा रहमान को उनके शव के सामने ही खरी खोटी सुनाई थी. ओ पी नैयर से जब भी मेरी बात होती थी गुरु दत्त का ज़िक्र हर थोड़ी देर बाद आ जाया करता था."

आशा भोसले को आशा भोसले बनाने का श्रेय भी जाता ओ पी नैयर को. उन्होंने आशा की आवाज़ को समझा और रेंज का पूरा फ़ायदा उठाया. उनका रूमानी अंदाज़ उनके गानों में चिंगारी भर देता था.