इस हादसे ने चीन ली थी ललिता पवार की आँखों की खूबसूरती

80 के दशक में बॉलीवुड फिल्मों में मां और सास के रोल निभाकर फेमस हुईं ललिता ने 24 फरवरी 1998 को पुणे में अंतिम सांस ली थी. ललिता पवार ने कई फिल्मों में बाल कलाकार काम किया है उन्होंने अपनी करियर में टीवी सीरियलों और कई सुपरहिट बॉलीवुड फिल्मों कमें काम किया है.

इस हादसे ने चीन ली थी ललिता पवार की आँखों की खूबसूरती इस हादसे ने चीन ली थी ललिता पवार की आँखों की खूबसूरती Source : Press

80 के दशक में बॉलीवुड फिल्मों में मां और सास के रोल निभाकर फेमस हुईं ललिता ने 24 फरवरी 1998 को पुणे में अंतिम सांस ली थी. ललिता पवार ने कई फिल्मों में बाल कलाकार काम किया है उन्होंने अपनी करियर में टीवी सीरियलों और कई सुपरहिट बॉलीवुड फिल्मों कमें काम किया है. 

टीवी सीरियल रामायण में उनके मंथरा के किरदार को कोई नहीं भूल सकता है.ललिता पवार का असली नाम अम्बा था. उनकी पहली फिल्म के लिया 18 रुपये दिए गए थे . वो एक अभिनेता के साथ साथ एक गजब की गायिका थी. कई कामयाब फिल्में देने के बाद मानो उनकी ज़िन्दगी को किसी की नज़र लग गयी हो. 

दरहसल 1942 में ललिता फिल्म ‘जंग-ए-आजादी' के एक सीन की शूटिंग कर रही थीं, उसी दौरान एक सीन में एक्टर भगवान दादा को ललिता को थप्पड़ मारना था. उन्होंने ललिता को इतनी जोर से थप्पड़ मारा कि वो गिर गईं और उनके कान से खून बहने लगा.

इलाज के दौरान डॉक्टर द्वारा दी गई किसी गलत दवा के नतीजे में ललिता पवार के शरीर के दाहिने भाग को लकवा मार गया. लकवे की वजह से उनकी दाहिनी आंख पूरी तरह सिकुड़ गई और चेहरा खराब हो गया और इस घटना के बाद उन्हें फिल्में मिलनी बंद हो गयी. 

उन्होंने कई सालों तक अपनी सेहत को संभाला और एक अलग हौसले के साथ 1948 में अपनी एक मुंदी आंख के साथ निर्देशक एसएम यूसुफ की फिल्म ‘गृहस्थी' फिल्मों में वापसी की . उन्होंने फिर कस्सम करने का एक भी मौका नहीं गवाया और फिल्मों में जालिम सास का रोले निभाने लगी.