इस फिल्मकार ने महज 85 रुपए में की थी पहली नौकरी

बॉलीवुड में सेठजी के नाम से मशहूर ताराचंद बड़जात्या एक ऐसे फिल्मकार थे जिन्होंने पारिवारिक मुद्दों पर फिल्में बनाकर 4 दशकों तक लोगों के दिलों पर राज किया.आपको यह जानकर हैरानी होगी की फिल्म इंडस्ट्री पर राज करने ताराचंद बड़जातिया उस वक़्त मात्रा 85 रुपये महीना ही कमाते थे.

इस फिल्मकार ने महज 85 रुपए में की थी पहली नौकरी इस फिल्मकार ने महज 85 रुपए में की थी पहली नौकरी Source : Press

बॉलीवुड में सेठजी के नाम से मशहूर ताराचंद बड़जात्या एक ऐसे फिल्मकार थे जिन्होंने पारिवारिक मुद्दों पर फिल्में बनाकर 4 दशकों तक लोगों के दिलों पर राज किया. उनका जन्म राजस्थान के एक परिवार में 10 मई 1914 को हुआ.

 उन्होंने अपना कॉलेज में पूरी की जिसके बाद परिवार की आर्थिक स्तिथि ख़राब होने के चलते उन्हें पढाई बिच में ही छोड़नी पड़ी. परिवार सहित ताराचंद 1933 में मुंबई आ गए. उन्हें अपनी पहली नौकरी मोती महल थिएटर्स नाम की डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी में की.

आपको यह जानकर हैरानी होगी की फिल्म इंडस्ट्री पर राज करने ताराचंद बड़जातिया उस वक़्त मात्रा 85 रुपये महीना ही कमाते थे. उनका करियर तब बदला जब कंपनी ने उन्हें जनरल मैनेजर बनाकर मद्रास भेजा. ताराचंद बड़जातिया को साउथ की फिल्मों के नेशनल राइट्स खरीदने वाला पहला निर्माता और निर्देशक माना जाता है और यही से उन्होंने अपने प्रोडक्शन हाउस की नीव रखी.

 उनकी कंपनी ने दोस्ती, जीवन-मृत्यु, उपहार, पिया का घर, सौदागर, दोचितचोर, गीत गाता चल,अंखियों के झरोखे से तपस्या, सावन को आने, दुल्हन वही जो पिया मन भाए, तराना, नदिया के पार, सारांश जैसी सुपर-डुपर हिट फिल्में बनाईं. 

अपने निधन के पहले ही उन्होंने अपने पोते सूरज बड़जात्या को भी लांच कर चुके थे. सूरज ने सलमान खान 'मैंने प्यार किया' से लांच किया और बॉलीवुड में पारिवारिक फिल्में बनाने के लिए पहचाने जाने लगे.