सुषमा स्वराज का बयान करतारपुर कॉरीडोर खुलने का मतलब ये नहीं दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हो जाए

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर दो टूक लहजे में कहा है कि करतारपुर कॉरीडोर खुलने का आशय ये नहीं है कि इस कारण दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हो जाएगी क्‍योंकि आतंक और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते। उन्‍होंने यह भी कहा कि भारत सरकार करतारपुर कॉरीडोर शुरू करने के लिए कई वर्षों से कह रही थी लेकिन पाकिस्‍तान ने अब जाकर सकारात्‍मक रुख अपनाया है।

सुषमा स्वराज सुषमा स्वराज का बयान करतारपुर कॉरीडोर खुलने का मतलब ये नहीं दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हो जाए Source : press

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान आज करतारपुर कॉरीडोर के पाकिस्ता न वाले हिस्से् की आधारशिला रखेंगे। दोनों देशों के तल्ख रिश्तों के देखते हुए इस कदम को बेहद मह्तवपूर्ण माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि बाबा नानक के वास्ते दोनों देशों के बीच दोस्ती के रास्ते खुल सकते हैं।

इस बीच विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने दोनों देशों के रिश्तों को लेकर दो टूक लहजे में कहा है कि करतारपुर कॉरीडोर खुलने का आशय ये नहीं है कि इस कारण दोनों देशों के बीच बातचीत शुरू हो जाएगी क्योंाकि आतंक और बातचीत एक साथ नहीं हो सकते। उन्हों ने यह भी कहा कि भारत सरकार करतारपुर कॉरीडोर शुरू करने के लिए कई वर्षों से कह रही थी लेकिन पाकिस्ताुन ने अब जाकर सकारात्म क रुख अपनाया है। सुषमा स्वराज के इस बयान से पाकिस्तान की उन उम्मीदों को भी झटका लगा है जिसमें वो प्रधानमंत्री मोदी को सार्क सम्मेलन के लिए बुलाना चाहता है।लेकिन सुषमा स्वलराज के बयान से स्परष्टर है कि भारत इस तरह के किसी भी आमंत्रण को स्वीैकार करने के मूड में नहीं है।

आप को बता दें, पाकिस्तान के नारोवाल जिले में स्थित करतारपुर साहिब गुरुद्वारा सिख समुदाय का पवित्र धार्मिक स्थल है। सिखों के प्रथम गुरू गुरूनानक देव जी ने जीवन के आखिरी 18 साल यहां गुजारे। करतारपुर में ही नानकदेव जी की मत्यु हुई थी। और अब करतापुर कॉरिडोर बनने से सिखों का 70 साल लंबा इंतजार खत्म होगा। भारत के करोड़ों सिख गुरु नानक की समाधि के दर्शन कर पाएंगे। सिख श्रद्धालुओं को बिना वीजा के पाकिस्तान में एंट्री मिलेगी, सिर्फ टिकट लेना होगा। कॉरिडोर खुलने से भारत-पाकिस्तान के बीच भरोसा बढ़ेने की भी उम्मीद है।


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