Lehren

बक्सर के डीएम मुकेश पाण्डेय का आखिरी वीडियो संदेश आया सामने, बताई आत्महत्या की वजह

बिहार के बक्सर जिले के डीएम मुकेश पांडेय ने 10 अगस्त को ट्रेन से कटकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी. डीएम मुकेश पांडेय ने आत्महत्या से पहले बाकायदा सुसाइड नोट लिखा था. जिसमें उन्होने अपनी आत्महत्या की वजह का खुलासा किया था. लेकिन उसके पहले मुकेश पाण्डेय ने एक वीडियो मेसेज भी रिकॉर्ड किया था.

बिहार के बक्सर जिले के डीएम मुकेश पांडेय,डीएम मुकेश पांडेय बक्सर के डीएम मुकेश पाण्डेय का आखिरी वीडियो संदेश आया सामने, बताई आत्महत्या की वजह Source : Press

बिहार के बक्सर जिले के डीएम मुकेश पांडेय ने 10 अगस्त को ट्रेन से कटकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली थी. डीएम मुकेश पांडेय ने आत्महत्या से पहले बाकायदा सुसाइड नोट लिखा था. जिसमें उन्होने अपनी आत्महत्या की वजह का खुलासा किया था. लेकिन उसके पहले मुकेश पाण्डेय ने एक वीडियो मेसेज भी रिकॉर्ड किया था. जो अब सामने आया है. इस वीडियो मेसेज में मुकेश पाण्डेय ने अपनी आत्महत्या के लिए परिवार के झगड़े को जिम्मेदार बताया है. उन्होने ये भी कहा है कि जब से उनकी शादी हुई है तभी से उनका पारिवारिक सुकुन झिन गया था. आए दिन पत्नी और माता पिता के झगड़ो से वो परेशान हो गए थे. इसलिए सांसारिक मोहमाया से उनका विश्वास उठ चुका था. और फिर उन्होने तय कर लिया कि अब वो जीना नहीं चाहते हैं. 5 मिनट के इस वीडियो संदेश में मुकेश पाण्डेय ने पूरी कहानी बयां कर दी है. और अपने फ्रस्ट्रेट होने की वजह भी बताई. आप भी सुनिए.

वैसे मुकेश पाण्डेय के इस वीडियो मेसेज की पूरी कहानी इस तरह से है. हेलौ. मेरा नाम मुकेश पांडेय है. मैं आइएस 2012 बैच का ऑफिसर हूं बिहार कैडर का. मेरा घर गुवाहाटी असम में पड़ता है. पिताजी का नाम सुदेश्वर पांडेय और माताजी का नाम गीता पांडेय है. मेरे सास-ससुर का नाम राकेश प्रसाद सिंह और पूनम सिंह है और वाइफ का नाम आयुषी शांडिल्य है. ये जो मैसेज आप देख रहे हैं, मेरे सुसाइड और मौत के बाद का मैसेज है. ये मैं पहले से रिकॉर्ड कर रहा हूं. मैं बक्सर के सर्किट हाउस में रिकार्ड कर रहा हूं. यहीं मैंने डिसीजन लिया कि दिल्ली जा कर मैं अपने जीवन का अंत कर दूंगा. मैं अपने जीवन से खुश नहीं हूं. मेरी वाइफ और माता-पिता के बीच तनातनी है और हमेशा वे एक दूसरे से उलझते रहते हैं, जिससे कि मेरा जीना दुश्वार हो गया है.दोनों की गलती नहीं है. दोनों मुझसे अत्यधिक प्रेम करते हैं. मगर किसी चीज की अति आदमी को ऐसे कठिन फैसले लेने के लिए मजबूर कर देती है. किसी चीज का अति होना अच्छी चीज नहीं है. मेरी वाइफ मुझसे बहुत प्यार करती है और मेरी एक छोटी बच्ची भी है. मैं ऐसे भी जीवन से तंग आ चुका हूं. मैं एक शांतिप्रिय आदमी हूं, पीस लविंग. जबसे मेरी शादी हुई है, बहुत उथल-पुथल चल रहा है.

हमलोग किसी न किसी बात पर झगड़ते रहते हैं, दोनों की पर्सनालिटी बिल्कुल अलग-अलग है. उसका एस्ट्रोवर्ट और एग्रेसिव नेचर है और मेरा मीक और इंट्रोवर्ट नेचर है. किसी चीज में हमारा मेल नहीं खाता है. इसके बावजूद हम दोनों एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं. मैं अपने सुसाइड के लिए किसी को जिम्मेवार नहीं मानता हूं. मैं खुद को जिम्मेवार मानता हूं. मेरी जो पर्सनालिटी है और मैंने जो-जो चीजें अपने अंदर इनकलकेट किया है बचपन से, जो कि एक्सट्रोवर्ट और एक खुले दिल के पर्सनालिटी के रूप में नहीं किया है. मैं मानता हूं कि वो मेरी कंपैटिबिलीटी नहीं बन पायी. मेरे ऊपर न तो कोई प्रेशर है, न दबाव है. न ही किसी के द्वारा कोई ऐसा काम किया गया कि मैं उनके ऊपर आरोप लगाऊं कि उसने मुझे सुसाइड करने पर मजबूर कर दिया है.

बेसिकली मैं खुद ही जिंदगी से फ्रस्टेट हो चुका हूं. मुझे नहीं लगता है कि हम ह्यूमनस यूनिवर्स में कुछ ज्यादा कंट्रीब्यूट कर पाये हैं. हम अपने आपको बहुत ज्यादा सेल्फ इंपोटेंस देते हैं कि हम ये कर रहे हैं वो कर रहे हैं लेकिन जब आप पूरे यूनिवर्स में खुद को इमैजिन कीजियेगा, जो यूनिवर्स की जर्नी रही है, उसमें हमने कुछ नहीं जोड़ा है. यहां कितने लोग आये और चले गये. पर किसी ने कुछ नहीं किया. हम बस रोज नये-नये जाल बुनते रहते हैं और खुद को उलझाते रहते हैं. जिसमें हम अपना मन बहलाते रहते हैं, वर्ना हमारा कोई इंपोर्टेंस नहीं है.

यह बात मुझे अंदर से रियलाइज हुई है. मैं पहले सोच रहा था कि स्प्रीचुअलीज्म की तरफ मूव करूंगा और कहीं जा के तप करूंगा. कुछ समाज सेवा करूंगा, मगर मुझे वो भी लगा कि वह एक व्यर्थ चीज है. इससे अच्छा है कि आदमी अपने डेथ को इब्रेश करे और जो अपनी इहलीला है, अपने इस फालतू के जीवन का अंत करे. इसके बाद नेक्स्ट जो भी आयेगा सकुन आयेगा, जो भी आयेगा आदमी उसे फेस करेगा. लेकिन, अब इस जीवन से मेरा मन भर गया है. और मुझे अब बिल्कुल भी जीने की इच्छा नहीं रह गयी है. इसी कारण मैं यह एक्सट्रीम स्टेप ले रहा हूं. एक कावर्डली स्टेप है, जो मुझे भी पता है. स्केपिस्ट स्टेप है.पर मुझे लगता है कि मेरे अंदर जीने की कोई फिलिंग ही नहीं बची है जीने की, तो जीने का कोई मतलब ही नहीं रह जाता है. इसीलिए मैं ये स्टेप ले रहा हूं. अगर ये वीडियो आपको मिलता है तो कृपया मेरे मम्मी-पापा, सास-ससुर मेरी वाइफ, मेरे भईया सभी लोगों का नंबर इस मोबाइल में दर्ज है.

You may also like