राम मंदिर बाबरी मस्जिद विवाद पर राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट के मशवरे का किया स्वागत

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा के मुताबिक पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन करके संबंधित पक्षों से बातचीत करके मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगी. आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को आधार मानकर मामले को हल किया जा सकता है

राम मंदिर बाबरी मस्जिद विवाद राम मंदिर बाबरी मस्जिद विवाद पर राजनीतिक दलों ने सुप्रीम कोर्ट के मशवरे का किया स्वागत Source : Press

राम मंदिर की जगह राम मंदिर ही बनना चाहिए. मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद का भी कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला होगा उसे वो मानेंगे.

राममंदिर बाबरी मस्जिद विवाद पर मंगलवार को आए सुप्रीम कोर्ट के मशवरे का बीजेपी हिंदू संगठनों के अलावा सभी दलों ने स्वागत किया है. उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी ने भी माननीय कोर्ट की इस टिप्पणी का स्वागत किया है.

बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा के मुताबिक पार्टी सुप्रीम कोर्ट के फैसले का अध्ययन करके संबंधित पक्षों से बातचीत करके मामले को सुलझाने का प्रयास करेंगी. आरएसएस विचारक राकेश सिन्हा के मुताबिक इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले को आधार मानकर मामले को हल किया जा सकता है. पर राम मंदिर की जगह राम मंदिर ही बनना चाहिए.

मुस्लिम धर्मगुरू मौलाना कल्बे जव्वाद का भी कहना है कि सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला होगा उसे वो मानेंगे. जामा मस्जिद के शाही इमाम सैयद अहमद बुखारी ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत करते हुए कहा है कि बाबरी मस्जिद के मसले पर दोनों पक्षों को बैठकर हल निकालना चाहिए.

उधर, बीजेपी नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने कहा कि हम राम मंदिर मामले में समझौते को तैयार हैं. वहां पर राम मंदिर पहले से था. ऐसे में राम मंदिर वहीं बनना चाहिए. मस्जिद कहीं पर भी बनाई जा सकती है. सरयू नदी के पार मुसलमान मस्जिद बना सकते हैं. मुसलमान सड़क पर भी नमाज पढ़ सकते हैं.

सऊदी समेत कई देशों में बिल्डिंग बनाने के लिए मस्जिद हटाए जाते हैं. मुसलमान कहीं पर भी नमाज पढ़ सकते हैं. लिहाजा मुस्लिम समुदाय इस रचनात्मक सुझाव को माने, तो अच्छा होगा.