165 रूपये थी देव साहब की पहली कमाई

जब देव साहब अपने घर से मुंबई आने के लिए निकले थे तो उनकी जेब में महज 30 रूपये थे. मुंबई आकर ये पैसे जल्द ही खत्म हो गए. फिर फिल्मों में काम के लिए संघर्ष और मुंबई जैसे शहर में रहने के लिए देवआनंद ने आर्मी में नौकरी की.

देव आनंद 165 रूपये थी देव साहब की पहली कमाई Source : Press
हिंदी सिनेमा के सबसे बडे रोमांटिक हीरो देव आनंद की आज जयंती है. देव साहब आज अगर हमारे बीच होते तो 93 साल के हो गए होते. देव साहब ने यूं तो फिल्म जिद्दी से कामयाबी हासिल की थी. पर जब देव आनंद को गुरूदत्त जैसे सुलझे हुए दोस्त का साथ मिला तब फिल्म बाजी रिलीज हुई. और देवआनंद बन गए. स्टार. गुरूदत्त के निर्देशन में देव आनंद ने कई फिल्में की है. बाद में जब गुरूदत्त अपने बैनर की फिल्मों में बिजी हो गए तो देव आनंद के फिल्मों को उनके भाई विजय आनंद निर्देशित करने लगे थे. देव साहब ने अपने पूरे फिल्मी सफर में कई ऐतिहासिक फिल्में दी है. उनका हर अंदाज दर्शकों को पसंद आता था. पर कामयाबी से पहले देव आनंद ने दूसरों की तरह ही काफी संघर्ष किया है. जब देव साहब अपने घर से मुंबई आने के लिए निकले थे तो उनकी जेब में महज 30 रूपये थे. मुंबई आकर ये पैसे जल्द ही खत्म हो गए. फिर फिल्मों में काम के लिए संघर्ष और मुंबई जैसे शहर में रहने के लिए देवआनंद ने आर्मी में नौकरी की. वो सेना के जवानों की चिठ्ठियों को उनके परिवार के लोगों तक पहुंचाते थे और पढकर सुनाते भी थे. इसके लिए देव साहब को जो सैलरी मिलती थी वो थी 165 रूपये. जिसमें से 45 रूपये देव साहब घर भेज देते थे और बाकी अपने खर्चे के लिए. इस तरह देव साहब ने करीब सालभर सेना की ये नौकरी की थी. और उसके बाद उन्हे फिल्मों में कामयाबी मिली.