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जब ओमपुरी ने नसीरूद्दीन शाह की बचाई थी जान

नसीरूद्दीन शाह के मुताबिक. एक दिन उनके एक दोस्त के साथ कुछ कहा सुनी हो गई तो उनके चाकू में उनपर हमलाकर दिया. ओम पुरी भी वहां मौजूद थे.ओम पुरी ने जब देखा कि नसीर की जान खतरे में है तो उन्होने तुरंत उस हमलावर को पकडा और इसके बाद नसीरूद्दीन शाह को अस्पताल पहुंचाया.

ओमपुरी, नसीरूद्दीन शाह जब ओमपुरी ने नसीरूद्दीन शाह की बचाई थी जान Source : Press
ये तो हम सभी जानते हैं कि अभिनेता ओम पुरी इस मायावी दूनिया का चक्रव्यू को तोड़कर अपने आखिरी गंतव्य तक पंहुच चुके हैं. 6 जनवरी की सुबह ओमपुरी का 66 साल की उम्र में निधन हो गया. ओम पुरी ने कमर्शियल सिनेमा के अलावा समानांतर सिनेमा को एक नई ऊंचाई प्रदान की थी. ओम पुरी और नसीरूद्दीन शाह दोनों ने एक साथ अभिनय की तालीम दिल्ली के एनएसडी और पुणे के फिल्म संस्थान से ली थी. इसलिए नसीरूद्दीन शाह से ज्यादा कोई ओम पुरी को नहीं जानता है. ओम पुरी के निधन से नसीर काफी इमोशनल हैं. बातों बातों में नसीर को ओम पुरी का वो रूप भी याद आया जब उन्होने उनकी जान बचाई थी. जीं हां. इस बात का जिक्र नसीरूद्दीन शाह ने अपनी आत्मकथा एंड देन वन डे ए मेमोएर में भी किया है. नसीरूद्दीन शाह के मुताबिक. एक दिन उनके एक दोस्त के साथ कुछ कहा सुनी हो गई तो उनके चाकू में उनपर हमलाकर दिया. ओम पुरी भी वहां मौजूद थे.ओम पुरी ने जब देखा कि नसीर की जान खतरे में है तो उन्होने तुरंत उस हमलावर को पकडा और इसके बाद नसीरूद्दीन शाह को अस्पताल पहुंचाया. तब जाकर नसीरूद्दीन शाह की जान बची थी. नसीरूद्दीन ओम पुरी के इस एहसान और दोस्ती के फर्ज को हमेशा याद करते हैं. और ओम पुरी के निधन पर नसीरूद्दीन शाह यहीं सोचकर भावुक हो गए थे. ओम पुरी और नसीरूद्दीन शाह दोनों ही समानांतर हिंदी सिनेमा के एक स्तंभ की तरह हैं. हालाकि एक साथ दोनों ने कम ही फिल्में की है. पर दोनों ने ही अपनी अदाकारी से समानांतर के साथ ही साथ कमर्शियल सिनेमा को एक नया मुकाम प्रदान किया हैं. आक्रोश. पार. मकबूल और जाने दो भी यारो और चायनागेट जैसी कई फिल्मों में ये दोनों साथ में नजर आए थे. हालाकि अब ओमपुरी के मौत को लेकर कुछ गलतफहमी भी पैदा हुई है. और मामला मुंबई पुलिस के पास पहुंच चुका है. जबकि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में कुछ जख्मों के अलावा और किसी बात का जिक्र नहीं है. बहरहाल अब पुलिस की जांच रिपोर्ट का इंतजार हमे रहेगा.