जब इंदिरा गांधी ने अमिताभ के लिए नरगिस को लिखा था ख़त

सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आज सफलता के जिस मुकाम पर हैं. बावजूद इसके अमिताभ एक इंजीनियर बनना चाहते थे. अमिताभ फिल्मों में कॅरियर का सपना लेकर मुंबई आ गए. यहां कॅरियर बनाना इतना आसान नहीं था.

जब इंदिरा गांधी ने अमिताभ के लिए नरगिस को लिखा था ख़त Source : Press
सदी के महानायक अमिताभ बच्चन आज सफलता के जिस मुकाम पर हैं. वहां तक पहुंचना किसी के बस की बात नहीं है. वैसे अमिताभ बच्चन का अभिनय से दूर दूर तक कोई वास्ता नहीं था. लेकिन देहरादून में कॉलेज के दौरान नाटकों में अभिनय कर उनके मन में अभिनय की अलख जगी थी. बावजूद इसके अमिताभ एक इंजीनियर बनना चाहते थे. कलकत्ता में नौकरी भी की. लेकिन किस्मत में तो कुछ और ही लिखा था. अमिताभ फिल्मों में कॅरियर का सपना लेकर मुंबई आ गए. यहां कॅरियर बनाना इतना आसान नहीं था. फिल्म मेकरों के लिए सबसे बड़ी दिक्कत उस वक्त अमिताभ बच्चन की हाइट थी. जिसकी वजह से हर कोई उनसे कन्नी काट लेता था. पर चूकि अमिताभ बच्चन की मां तेजी बच्चन और उस समय प्रधानमंत्री रही इंदिरा गांधी अच्छी दोस्त थी. इसलिए इंदिरा ने भी संघर्ष के दिनों में अमिताभ की बड़ी मदद की. इंदिरा गांधी ने अपनी दोस्त अभिनेत्री नरगिस के पास अमिताभ बच्चन के लिए खत लिखा. अब नरगिस देश की प्रधानमंत्री की बात कैसे टाल सकती थी. सो उन्होने ख्वाजा अहमद अब्बास से बात की जो उस वक्त सात हिंदुस्तानी बना रहे थे. अमिताभ बच्चन को सात हिंदुस्तानी में रोल दिलवाया. पर सात हिंदुस्तानी से अमिताभ का भला नहीं हुआ. इसके बाद दिरा गांधी के ही कहने पर सुनील दत्त ने अपनी फिल्म रेश्मा और शेरा में एक गूंगे के रोल के लिए अमिताभ बच्चन को साइन किया. रोल काफी चैलेंजिग था. लेकिन अमिताभ ने उस रोल को पूरी मेहनत के साथ अदा किया. पर कामयाबी नहीं मिली. पर धीरे धीरे अमिताभ के काम को फिल्म मेकर नोटिस करने लगे. और काम मिलने लगा. पर 12 फिल्मों में काम करने के बाद भी अमिताभ को स्टारडम नहीं मिला. इन्ही 12 फिल्मों में आनंद और बॉम्बे टू गोवा का नाम भी शामिल है. जिसकी वजह से अमिताभ को आगे काम मिला. बॉम्बे टू गोवा के रशेश देखकर ही प्रकाश मेहरा ने अमिताभ को ज़जीर क् लिए साइन किया था. और ज़जीर की कामयाबी ने अमिताभ बच्चन को सितारा बना दिया.