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  • Friday 28 April 2017 / 07:54 AM IST
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Lehren

"हम दोनों दोस्त है और हमेशा ही दोस्त रहेगे।" ह्रितिक रोशन

"काबिल" फिल्म से ढेर सारी उम्मीद लगा कर बैठे ह्रितिक रोशन के साथ शाहरुख़ खान की, "रईस " भी २५, जनवरी को ही रिलीज़ हो रही है। ह्रितिक का यह मानना है कि - बिज़नेस अपनी जगह है और दोस्ती अपनी जगह।

ह्रितिक रोशन "हम दोनों दोस्त है और हमेशा ही दोस्त रहेगे।" ह्रितिक रोशन Source : Press

ह्रितिक रोशन अपनी फिल्म, "काबिल" से ढेर सारी उम्मीद लगा कर बैठे है। क्यंकि इस फिल्म के साथ शाहरुख़ खान की, "रईस" भी रिलीज़ होने को है। हालांकि इन दोनों फिल्मों की रिलीज़ डेट २५, जनवरी ही है-- बस यदि फर्क होगा तो सुबह और शाम के शो में ही है। किन्तु ह्रितिक का यह मानना है कि - बिज़नेस अपनी जगह है और दोस्ती अपनी जगह। "हम दोनों दोस्त है और हमेशा ही दोस्त रहेगे। हमारी दोस्ती में कोई फर्क नहीं आनेवाला है। जिस तरह हमने मेहनत की है वैसे ही शाहरुख़ की टीम ने भी मेहनत की होगी। हालाकि मुझे फ्राइडे के दिन जब कभी भी मेरी-फिल्म  रिलीज़ होती है नर्वसनेस तो रहती है मुझे। किन्तु मेरी ओर से 'राईस' को भी शुभकामनाये."

हृतिक अब बिलकुल स्वस्थ है। क्या कहना चाहेंगे आप?
जी हाँ, हाल ही में - मैं एक लंबी छुट्टी काट कर वापस लोटा हूँ, थोड़ा आराम मिला शरीर को। अब मैं पूरी तरह से स्वस्थ।

आपको "ग्रीक गॉड" कहते है क्या कहना चाहेंगे आप?
यह सब झूठ है। मैं हाल ही में जब पेरिस पहुंचा ग्रीक गॉड समझना तो दूर की बात थी। लोगों ने मुझे पहचाना तक नहीं। मेरी और पलट कर किसी ने अपनी नजर मेहरबान भी नहीं की।

आप नेत्रहीन किरदार निभा रहे है। किससे मिले होंगे आप?
देखिये, अमूमन हम किसी भी व्यक्ति की शारीरिक कमी को कुछ हलके में ही आँकते है। आपको मैं बतला दूँ, मेरा एक नेत्रहीन  फैन मेरे घर एक दिन लंच पर आया। मुझे यह जान कर ताजुब लगा वह अकेला बिना किसी लाठी का सहारा लिए और ट्रैन से मेरे घर तक पहुंचा। कुछ १५ मिनट तक, मैंने उसका बहुत ख्याल रखा था। किन्तु कुछ समय बाद मुझे इस बात का एहसास हो गया कि - वह अपने आप में एक क्षक्ष्म व्यक्ति है। उसके जोक्स और बिंदास हंसी मजाक को देख, आपको ऐसा बिलकुल भी नहीं लगता है कि - उस में किसी तरह की शारीरिक विकलांगता होगी। आज के ज़माने में नेत्रहीन लोग बहुत अच्छी पोस्ट पर बैठे होते है। कई तो अच्छे संगीतकार है तो कोई बहुत अच्छा वायलिन बजा लेता है। कुल मिला कर आज यह करोड़पति भी है। दुनिया भर में -आपको ऐसे सशक्त व्यक्तित्व के लोग जरूर मिलेंगे। इन्हें आप नार्मल ही समझे। इनकी इन्द्रियों में  हम से ज्यादा जानने और पहचानने की क्षमता होती है। यह मेरे इस फैन ने मुझे साफ़ साफ़ बतलाया।

कितना मुश्किल था इस किरदार को पर्दे पर उतारना ?
जी हाँ, एक नेत्रहीन व्यक्ति का किरदार करना मेरे लिए अत्यंत कठिन था। किन्तु इस फैन से मिलने के बाद मैंने यह सुनिश्चित किया कि- मैं काले चश्मे का प्रयोग बिलकुल भी नहीं करूँगा। इस किरदार को बहुत सच्चाई से निभाना होगा। पर जब मुझे फाइट सीन्स करने होते थे, हालांकि - मैं देख पा रहा हूँ, किन्तु किरदार में देख नहीं पा रहा हूँ। तो जब एक ग्लास भी टूटता यदि मेरी पलके झपक जाती है तो वह सीन बेकार हो गया समझो। सो इस किरदार को करने के दैरान, मैंने बहुत कुछ कंट्रोल किया। अपने अंदुरुनी जाने अनजाने वाली हरकत को कंट्रोल कर पाना बहुत मुश्किल होता है। पर इसे करने की आदत डालनी पड़ी मुझे। पर जब वह सारे एक्शन सीन्स देखे तो मुझे ख़ुशी हुई अपनी मेहनत पर। मेरे फैन से मुझे यह भी मालूम हुआ की उसने मेरी आवाज और कई सारी हरकतों को लेकर मेरे बारे में जो कुछ भी अपना विचार बना रखा था - वह काबिले तारीफ था। ताजुब हुआ मुझे यह जान कर - उसने मेरी हर फिल्म देखी है, और मुझे मेरे ही बारे में जो कुछ उसने  बतलाया - मुझे समझ आ ही गया कि शारीरक तौर से यदि कोई कमी हो तो उसे पूरा करने की अन्य कई इन्द्रियाँ हमे दे दी जाती है।

यामी के साथ काम करने का अनुभव कैसा रहा ?
यह फिल्म एक लड़की के इर्द गिर्द ही घुमती है। और यदि यामी जैसी काबिल एवम खूबसूरत अभिनेत्री न होती तो। "काबिल" फिल्म अधूरी ही रह जाती। उन्होंने बहुत मेहनत की है। आप लोग फिल्म देखने के बाद यह जान पाएंगे।

आप हॉलीवुड में काम करने के इच्छुक क्यों नही है ?
जब यहाँ, अपने ही देश में मुझे लोग इंटरनेशनल एक्टर की उपाधि से सम्मानित कर देते है तो मेरे लिए यही काफी है। बस मैं अच्छे किरदार एवम अच्छी कहानी का भूखा रहता हूँ। कोई भी कहानी अच्छी हो तो हम उसे करने के लिए ललायित हो जाते है -बतौर अभिनेता। अमूमन यह हम सब के साथ ही होता है।

आपके बच्चो ने ट्रैलर देखा है ? क्या कहना है उनका?
मेरे बच्चे बहुत स्मार्ट है। जब मेरी फिल्म, "मोहनजो दाड़ो" देख कर आये तो उन्हें यह बात शायद-कुछ कुछ मालूम थी कि-बॉक्स ऑफिस पर यह फिल्म कुछ ख़ास नहीं कर पायी। लेकिन जब फिल्म देख कर घर लोटे तो बोले - 'पापा फिल्म अच्छी लगी हमे। और आपकी फिल्म, "काबिल" का ट्रेलर देखा-मुझे दस में से  लगभग ८.५ दे दिया। और क्या चाहिए मुझे।

आजकल के बच्चे बहुत स्मार्ट होते है क्या आपका दबदबा बनाये रखते है आप उन पर?
जी हाँ, मैं उन्हें कोई भी चीज़ करने के लिए मना नहीं करता हूँ। किन्तु हाँ, यदि वह कुछ करना चाहते है तो उन्हें वह कार्य करने की इजाजत दी जाती है। लेकिन उसकी अच्छाई एवम बुराई उन्हें समझा दी जाती है। बाकी उन्हें खुद सीखना है। कल को यह न कहे की हमारे दोस्त ने फ्लाहाँ- फ्लाहाँ चीज़ की है और आपने हमे नहीं करने दी है। यही शिक्षा मुझे अपने पिताजी से मिली है और यही आगे उन्हें दे भी रहा हूँ।

क्या आप फिल्म, "धूम ४" का हिस्सा नहीं बनना कहते है ?
बिलकुल मैं, "धूम ४" करने के लिए बहुत उत्सुक हूँ। उसका हिस्सा बनना जरूर चाहूंगा।

सब हीरोज ने गाने में अपना गला आजमाया है। आपके अंदर म्यूजिक के किटाणु है - कब गायियेगा ?
जरूर गाना, गाना चाहूँगा। लगता है गाने की इच्छा इस वर्ष पूरी हो जाएगी।