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"वो कहते है न - जहाँ घर होता है वही दिल भी"- श्रद्धा कपूर

श्रद्धा कपूर एवम आदित्य कपूर की जोड़ी वापस, "ओके जानू" में अपना जलवा दिखलाने बड़े परदे पर में नजर आने वालें है। इस फिल्म की कहानी लिव इन रिलेशनशिप पर आधारित है। जिसका खंडन कर श्रद्धा ने यह कहा!

श्रद्धा कपूर "वो कहते है न - जहाँ घर होता है वही दिल भी"- श्रद्धा कपूर Source : Press

श्रद्धा कपूर एवम आदित्य कपूर की जोड़ी वापस, "ओके बंगाराम" साउथ की रिमेक फिल्म, "ओके जानू" में अपना जलवा दिखलाने बड़े परदे पर में नजर आने वालें है। इस फिल्म की कहानी लिव इन रिलेशनशिप पर आधारित है। हाल ही में श्रद्धा के लिव इन रिलेशनशिप की चर्चा बॉलीवुड में जोरो - शोरो से सामने आयी थी। जिसका खंडन कर श्रद्धा ने यह कहा, 'देखिये, बहुत दुःख के साथ, मैं सिर्फ यह कह सकती हूँ कि - पत्रकारिता एक बहुत ही जिमेदारी का काम है। और कोई भी इस तरह की बात बिना जाने, सूत्रों के आधार पर कैसे लिख सकता है। और तो और मेरे परिवार के लोगों को भी इस में घसीट लिया गया। यह सही मायने में बहुत गलत है। मैं क्या एक्शन लूँ? बस यही  कहना चाहती हूँ कृपा कर जिस के बारे में आप लिख रहे है, कम से कम उससे तो जानकारी हासिल कर ही लिजिये !!"

आपका क्या मत है लिव इन रिलेशनशिप के बारे में?
वैसे तो मेरी बहुत सारी सहेलियों एवेम दोस्तों का यह मानना है की लाइव रिलेशनशिप "में रहने में कोई एतराज नही है.खेर यह तो हर व्यक्ति पर निर्भर है वह क्या चाहते  है। मेरी यही  इच्छा है - कि यदि मेरी शादी होती है, और यदि मेरे परिवार को कोई एतराज न हो तो मैं अपने हस्बैंड को अपने ही घर ले आउंगी।

यानी आप अपने पति को घर जमाई बनाना चाहती है ठीक हेमा मालिनी की फिल्म घर जमाई की तरह?
हंस कर बोली," यू नेवर नो!!

आप अपने मायके [घर] से क्यों नहीं जाना चाहती  हो ?
वो  कहते है न -जहाँ घर होता है वही दिल भी। सो बस मैं इसी कमरे मैं पैदा हुई हूँ। यही  पर पली बड़ी हुई हूँ, इसलिये यहां से मैं बिलकुल भी नहीं जाना चाहती हूँ। अभी कुछ ही दिनों पहले जैसे ही मैंने अपने कमरे की सफाई की थी, तो मुझे अपने पुराने खिलौनो को देख कर अपने बच्च्पन की याद आ गयी। मुझे मेरा कमरा बहुत ही प्रिय है। अपने कमरे की खिड़की के पास जो मेरा सबसे पसंदिता कोना है, यहाँ  मैंने एक छोटी सी बैठक बनाई है। यहाँ बैठ कर मैं सूर्य नमन भी करती हूँ। और मैडिटेशन भी। इस खिड़की में रोज़ तितलियाँ एवं गिल्हेरी भी आती है। और तो और मैंने अपने हाथो से कई अलग अलग पौधे भी लगाए है इस खिड़की के पास। और रोज़ाना  इन पौधों की  देकर- रेख भी करती हूँ। मेरा प्रिये डॉगी [कुत्ता] मुझे सुबह सुबह गुडमॉर्निंग [शुभप्रभात] भी बोलने आता है। अब इन सब चीज़ो से मैं इतनी जुडी हुई हूँ कि - मुझे यहाँ से जाना बिलकुल भी अच्छा नहीं लगेगा। मैं अपने भाई, माता-पिता और मौसियों से भी बहुत करीब  हूँ। इसलिए घर से जाने की बात से मैं अत्यंत दुखी हो जाउंगी। 

आपकी अगली फिल्म, "हाफ - गर्ल फ्रेंड" कहाँ तक पहुंची है ?
मेरी अगली फिल्म, "हाफ गर्ल फ्रिंड" की शूटिंग खत्म हो चुकी है। डबिंग और पोस्ट प्रोडक्श्नक काम चल रहा है। 

आपकी अगली फिल्म, "हसन के लिए क्याआप अपने वजन बढायेगी?
देखिये, मेरे लिए वजन बढ़ाना बहुत कठिन होगा। लेकिन फ़िलहाल हसीना के लिए मैवजहन बढ़ती हूँ या नहीं इस बात को सीक्रेट ही रहने दीजिये।